कलेक्टर भोपाल की पहल पर राहगीरों को मिलने लगी मदद


 

भोपाल। आज यही कहावत भोपाल की सरजमीं पर दिखने लगी है, कलेक्टर तरुण पिथोड़े के मार्गदर्शन और सह्रदयता से भोपाल रहवासी संघों से पुराने जूते चप्पल के इकठ्ठा करने के साथ नए चप्पलों को भी आम रास्तों से अपने घरों को जा रहे नागरिकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह स्टाल लगाकर जूता, चप्पल, सेंडिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री पिथोड़े और नगर निगम कमिश्नर विजय दत्ता के  निर्देशन में यह महत्वपूर्ण मानवता की कड़ी आज भोपाल के यादों में जुड़ गई ।

 

मिसरोद खजुरी बाईपास, मुबारकपुर, सीमाओं पर वहां से गुजरने वाले पैदल राहगीरों के लिए पुराने जूते चप्पल के साथ-साथ नए चप्पलें भी खरीद कर उपलब्ध कराई गई, इस भीषण गर्मी में सड़कों पर नंगे पैर, टूटी चप्पल पहनकर जाने वालों को गर्मियों का सामना ना करना पड़े। गरम तपती धूप में सड़कों को नापने में परेशानी ना आए, इसके लिए भोपाल के समाज सेवी संगठन आगे आए हैं। इसके साथ ही इन जगहों पर सेवा संघ द्वारा नाश्ता, बिस्किट्स, भोजन के साथ पैकेट में जूस भी उपलब्ध कराएं जा रहे हैं।

इसी के साथ पीने के पानी की बोतल ,पानी के टैंकर भी रख दिये गए हैं। इससे गुजरने वाले राहगीरों को भोजन पानी और अन्य जरूरी सामान लगातार मिलता रहे। इसी के साथ इन जगहों पर टेंट लगाकर अस्थाई रुकने की व्यवस्था भी की गई है।  अस्थाई टॉयलेट, पानी के टैंकर की व्यवस्था करा दी गई है। कलेक्टर ने बताया कि भोपाल के रास्तों से लगातार मुंबई, गुजरात, बिहार ,उत्तरप्रदेश , कर्नाटक, से लोग पैदल आ रहे और जा रहे हैं। इनको धूप गर्मी से बचाने के लिए सभी सामान की उपलब्धता कराई जा रही है। यह सभी समान सहयोग रहवासी संघों, सामाजिक संगठनों , एनजीओ, और जिला प्रशासन के माध्यम से एवं अन्य  संगठन के द्वारा उपलब्ध कराया गया। जिला प्रशासन द्वारा टॉयलेट, पीने के पानी की व्यवस्था भी लगातार कराई गई है। इसके साथ शहर की सीमा में आ रहे श्रमिकों के लिए बसों को भी रखा गया है। जिससे उन्हें घरों और राज्यों की सीमाओं तक छोड़ा जा सके।

खजूरी बायपास, मुबारकपुर, मिसरोद आदि जगहों पर तहसीलदार के साथ अन्य स्टाफ को भी रखा गया है। भोपाल के इतिहास में इस प्रकार काम पहली बार हो रहा है। इसमें लगातार सहयोग के लिए अनेक सामाजिक संगठन आगे आ रहे हैं। भोजन ,नाश्ता, पानी और अन्य सामान उपलब्ध करा रहे हैं। कलेक्टर ने सभी भोपाल वासियों से अपील की है कि कोशिश करें की अपने आसपास किसी को भूखा ना रहने दें। कम से कम एक परिवार को जरूरत पड़ने पर भोजन अवश्य कराएं। आज आपके सहयोग से किसी का जीवन बेहतर हो सकता है, सुधर सकता है और उसको काम करने की आस मिल सकती है।